Meta के स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट में मदद करने वाले सिद्धांत

अपडेट किया गया 26 जन 2022
स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट के लिए हमारी प्रतिबद्धता का मतलब कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देना है, जैसे कि: Meta यह कैसे तय करता है कि किसके साथ एंगेजमेंट किया जाए? हम सही विशेषज्ञों को कैसे ढूँढते हैं? हम यह कैसे सुनिश्चित करते हैं कि कमज़ोर समूहों की आवाज़ सुनी जाए?
इन सवालों के जवाब देने का कोई आसान फ़ॉर्मूला नहीं है. लेकिन हमने स्टेकहोल्डर्स से इंटरैक्ट करने का एक स्ट्रक्चर और तरीका बनाया है, जिसके तीन मुख्य सिद्धांत हैं: सभी को शामिल करना, विशेषज्ञता और पारदर्शिता
स्टेकहोल्डर्स के जुड़ने से हमें अलग-अलग नज़रिए समझने में मदद मिलती है और यह सुनिश्चित होता है कि पॉलिसी सभी की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाए.
स्टेकहोल्डर के जुड़ने से हम यह बात बेहतर तरीके से समझ पाते हैं कि हमारी पॉलिसी लोगों और संगठनों को कैसे प्रभावित करती हैं. जब हम ये फ़ैसले लेते हैं कि किस कंटेंट को हटाया जाए और किसे छोड़ दिया जाए, तो इन फैसलों से Facebook पर लोगों के बीच आपस में होने वाले कम्युनिकेशन पर असर पड़ता है. हालाँकि हमारे फ़ैसलों से सभी लोग सहमत नहीं होते. लेकिन हमें कम से कम उन लोगों का ख्याल रखना होगा जो हमारी पॉलिसी से प्रभावित होते हैं, भले ही वे उनसे सहमत हों या असहमत.
खास तौर पर उपेक्षित समुदायों के स्टेकहोल्डर की बात सुनना हमारे लिए कुछ ज़्यादा ही महत्वपूर्ण होता है. इसीलिए हम दुनिया भर में विविध प्रकार के स्टेकहोल्डर से संपर्क करते हैं. केवल यही पूछना काफ़ी नहीं होता कि हमारी पॉलिसी “आम लोगों” को कैसे प्रभावित करती हैं. हमारे लिये यह समझना ज़रूरी होता है कि हमारी पॉलिसी उन लोगों को कैसे प्रभावित करेंगी जो खास तौर पर कानूनी व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक परंपराओं, गरीबी या अन्य कारणों से इतने कमज़ोर होते हैं कि वे अपने अधिकारों की बात भी नहीं कर पाते.
हमारे काम का लोगों पर कई तरह से असर पड़ सकता है. वैसे तो हमारी पॉलिसी दुनिया भर के यूज़र्स को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, लेकिन कुछ लोगों पर उनका व्यक्तिगत असर भी पड़ता है. हमारी पॉलिसी के निर्माण में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और स्थानीय परिप्रेक्ष्य की गहरी समझ दिखनी चाहिए.
स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट, हमें अपनी स्थानीय जानकारी व नज़रिए को बेहतर बनाने का एक टूल उपलब्ध कराता है जिससे हम उन सभी लोगों की बातें सुन पाते हैं जिनकी बातें आमतौर पर शायद नहीं सुन पाते.
हाँ, यह बात सच है कि यह हमेशा अपने आप पता नहीं चलता कि “प्रभावित होने वाले सभी लोग” कौन हैं. कई मामलों में, हमारी पॉलिसी हमेशा लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक श्रेणियों में फिट नहीं बैठतीं, जैसे कि उदारवादी या रूढ़िवादी अथवा व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सरकारी नियंत्रण. हम Meta के पॉलिसी और रिसर्च संगठनों में अन्य लोगों से बात करते हैं और अपनी खुद की रिसर्च करके विभिन्न स्टेकहोल्डर की पहचान करते हैं.
जैसे कि लैंगिक शब्दों का उपयोग करने वाली भाषा के कुछ मामलों में हमारी नफ़रत फैलाने वाली भाषा से संबंधित पॉलिसी कैसे लागू होनी चाहिए, इस पर विचार करने के लिए हमने शैक्षणिक विशेषज्ञों, महिला एवं डिजिटल अधिकार समूहों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थकों से बातचीत की. इसी तरह कला के क्षेत्र में वयस्क नग्नता और यौन गतिविधि से संबंधित अपनी पॉलिसी बनाते समय हमने परिवार संबंधी सुरक्षा संगठनों और कलाकारों तथा म्यूज़ियम क्यूरेटर से बातचीत की. मृत लोगों की यादगार बनाई गईं प्रोफ़ाइल पर हमारी पॉलिसी कैसे लागू होनी चाहिए, इसके लिए हमने डिजिटल विरासत का एक विषय के रूप में अध्ययन करने वाले प्रोफ़ेसर और “विरासती कॉन्टैक्ट” के रूप में नामित किए गए Facebook पर मौजूद लोगों, जिन्हें इस प्रोडक्ट फ़ीचर का वास्तविक अनुभव है, दोनों से चर्चा की.
अपनी स्टेकहोल्डर मैपिंग में हम उन अल्पसंख्यक समूहों से भी सुझाव लेते हैं, जो दुनिया भर में हमेशा से कमज़ोर रहे हैं. जैसे, राजनीति से मतभेद रखने वाले लोग और धार्मिक अल्पसंख्यक. उदाहरण के लिए, नफ़रत फैलाने वाली भाषा से संबंधित हमारी पॉलिसी व्यवहार से जुड़ी कुछ विशेष मान्यताओं पर कैसे लागू होती है, इसका फिर से मूल्यांकन करने के लिए हमने प्रवासी अधिकार से जुड़े समूहों से सलाह ली.
स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट से पॉलिसी तैयार करने की हमारी प्रक्रिया में विशेषज्ञता आती है.
स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट टीम किसी पॉलिसी के लिए बड़े विषय विशेषज्ञों से सुझाव पाने हेतु रिसर्च करती है. इससे सुनिश्चित होता है कि हमारी पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया मौजूदा सिद्धांतों और विश्लेषण, प्रयोग आधारित रिसर्च तथा नए ऑनलाइन ट्रेंड पर आधारित है. हम भाषाओं, सामाजिक पहचान और भौगोलिक स्थिति से जुड़े मुद्दों के बारे में विशेषज्ञों से सलाह लेते हैं. ये सभी मुद्दे हमारी पॉलिसी काफ़ी हद तक प्रभावित करते हैं.
हमारी पॉलिसी कई जटिल सामाजिक और तकनीकी मुद्दों, जैसे कि नफ़रत फैलाने वाली भाषा, आतंकवाद, किसी को धमकाने और उत्पीड़न व हिंसा की धमकियों से जुड़ी होती हैं. कभी-कभी हमें इस संबंध में मार्गदर्शन चाहिए होता है कि सुरक्षा और अभिव्यक्ति के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, जैसे कि इस बारे में कि हमारी पॉलिसी के अंतर्गत "सार्वजनिक हस्तियों" के बारे में किस तरह की भाषा का उपयोग करने की अनुमति दी जाए. कुछ अन्य मामलों में हम कोई विशेष जानकारी पाना चाहते हैं, जैसे कि हमारी पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के अनुरूप कैसे बन सकती है और कुछ विशेष प्रकार की भाषा को लेकर अल्पसंख्यक समुदायों का अनुभव कैसा हो सकता है.
कई बार हमारे सामने बिल्कुल ही नई चुनौतियाँ आ जाती हैं, जो उन विशेषज्ञों के लिए भी मुश्किल होती हैं, जिनसे हम सलाह लेते हैं. लेकिन बाहरी विशेषज्ञों से बात करके और उनका फ़ीडबैक लेकर हम अपनी पॉलिसी को और उपयुक्त बना लेते हैं.
उदाहरण के लिए, नफ़रत फैलाने वाली भाषा से संबंधित हमारी पॉलिसी हमले के तीन स्तरों की पहचान करती है. स्तर 1 सबसे ज़्यादा गंभीर, जिसमें दूसरों की जाति, नस्ल, राष्ट्रीयता, लिंग या अन्य सुरक्षित विशिष्टता के आधार पर उनके विरुद्ध हिंसा उकसाना या उनके प्रति अमानवीय बातें कहना शामिल होता है (जैसे कि "ईसाइयों को मारो"). स्तर 2 के हमलों में किसी को हीन बताना या उनके प्रति नफ़रत या घृणा व्यक्त करना शामिल होता है (जैसे कि "मैक्सिको के लोग आलसी होते हैं"). और स्तर 3 के हमले वे होते हैं जिनमें किसी को अलग-थलग करने या उनसे दूरी बनाने की बात की जाती है (जैसे कि "महिलाओं को अनुमति नहीं है").
ये तीन स्तर हमारी पॉलिसी को और सटीक व स्पष्ट बना देते हैं. इन स्तरों के आधार पर हम भाषा के सबसे नुकसानदेह रूपों के विरुद्ध अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध करा पाते हैं. उदाहरण के लिए हम स्तर 1 की प्रवासियों के विरुद्ध नफ़रत फैलाने वाली भाषा (जैसे "प्रवासी चूहे होते हैं") को तो हटा देते हैं, लेकिन कम गंभीर भाषा (जैसे "प्रवासियों को हमारे देश से बाहर रहना चाहिए") को अनुमति दे देते हैं, जिससे कि व्यापक राजनीतिक बहस की संभावना बनी रहे.
इस क्षेत्र में हमारे पॉलिसी बनाने के काम के दौरान हमने सभी राजनीतिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नफ़रत फैलाने वाली भाषा और समूहों का अध्ययन करने वाले बाहरी शैक्षणिक विशेषज्ञों और गैर-लाभकारी संगठन से बात की. इस स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट से हमें यह कन्फ़र्म करने में मदद मिली कि इन स्तरों में बहुत कुछ शामिल किया गया है और ये लोगों के व्यवहार के ऑनलाइन व ऑफ़लाइन तरीकों के अनुरूप हैं.
स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट से हमारी पॉलिसी और पॉलिसी तैयार करने की प्रक्रिया में और पारदर्शिता आती है.
सैकड़ों स्टेकहोल्डर से बात करके हमने जाना है कि पॉलिसी बनाने की अपनी प्रक्रिया में सभी लोगों को शामिल करके ही हम उनका विश्वास जीत सकते हैं. हम इस प्रक्रिया में जितना ज़्यादा खुलापन लाएँगे, हमारे स्टेकहोल्डर के बीच हमारी पॉलिसी की उतनी ज़्यादा मान्यता रहने की संभावना रहेगी. स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट की प्रक्रिया में पारदर्शिता होने से हमें नियमों और कानूनों का ऐसा सिस्टम बनाने में मदद मिलती है, जिसे लोग निष्पक्ष मानें.
एंगेजमेंट का मतलब कंटेंट को मॉडरेट करने में आने वाली चुनौतियों के बारे में स्पष्टता रखना और अपनी पॉलिसी के पीछे की वजहें बताना तथा यह बताना भी होता है कि इनमें सुधार की ज़रूरत क्यों हो सकती है. आखिर में, जो पॉलिसी हम लॉन्च करेंगे, उनमें विशेषज्ञों की सलाह और लोगों के स्पष्ट विचार शामिल होने के कारण वे बेहतर होंगी.