बाहरी स्टेकहोल्डर के इनपुट

अपडेट किया गया 18 जन 2023
अपनी कंटेंट पॉलिसी बनाते समय, Meta की कंटेंट पॉलिसी स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट टीम जानकारी और अनुभव पाने के लिए, सिविल सोसायटी संगठनों, शिक्षाविदों और अन्य चिंतकों के साथ बातचीत करती है. स्टेकहोल्डर फ़ीडबैक को पॉलिसी डेवलपमेंट की प्रोसेस में शामिल करने के लिए, हम इंटरनल टीमों के साथ काम करते हैं. हमारा लक्ष्य ऐसी पॉलिसी बनाना है, जिसमें सभी स्टेकहोल्डर के ज़्यादा से ज़्यादा इनपुट शामिल हों.
हमसे बार-बार यह पूछा जाता है कि हमारी कंटेंट पॉलिसी के निर्माण में स्टेकहोल्डर के जुड़ने से किस तरह मदद मिली है. यहाँ इसके कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
1. नुकसानदेह रूढ़ियों पर बातचीत
अपनी नफ़रत फ़ैलाने वाली भाषा से जुड़ी पॉलिसी के भाग के रूप में, Meta ने नुकसानदेह रूढ़ियों को हटाने के लिए पॉलिसी बनाई है. स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट से कंटेंट पॉलिसी टीम को एक ऐसा फ़्रेमवर्क बनाने में मदद मिली जिससे वह इन रूढ़ियों को समझ सके और उनका समाधान कर सके. हमारी टीम ने नफ़रत फैलाने वाली भाषा पर शिक्षाविदों, सामाजिक मनोवैज्ञानिकों, इतिहासकारों और स्वतंत्र अभिव्यक्ति जैसी फ़ील्ड में सिविल सोसायटी संगठनों सहित दुनिया भर के स्टेकहोल्डर्स से परामर्श किया. स्टेकहोल्डर्स से हमें रूढ़ियों के निर्माण में पुराने समय से चले आ रहे भेदभाव और अल्पसंख्यक स्थिति के महत्व को समझने में मदद मिली. विशेषज्ञों ने यह भी हाइलाइट किया कि नुकसानदेह रूढ़ियों से लोग सार्वजनिक जीवन में असुरक्षित महसूस करते हैं और वे नागरिक के रूप में भागीदारी नहीं कर पाते.
2. नफ़रत फैलाने वाली भाषा: लोगों और कंसेप्ट पर होने वाले हमले
नफ़रत फैलाने वाली भाषा से जुड़ी हमारी पॉलिसी में हमारा फ़ोकस लोगों पर होने वाले हमलों पर होता है. इसके विपरीत, हमारी पॉलिसीज़ के तहत, हमने ऐसे विषयों से जुड़ी व्यापक चर्चाओं को परमिशन देने के लक्ष्य से कंसेप्ट, विचारों, व्यवहारों, मान्यताओं और संस्थानों पर हमले की परमिशन सामान्य तौर पर दी है. हालाँकि, हमने स्टेकहोल्डर्स और मिलते-जुलते यूज़र्स से यह सुना है कि किसी खास सुरक्षित विशिष्टता के लोगों से निकटता से जुड़ी किसी संस्था या कंसेप्ट पर हमला करने या उनकी निंदा करने की परमिशन लोगों को देने से नुकसान हो सकता है, जिसमें संभावित रूप से हिंसा और डर शामिल है. इस फ़ीडबैक से हमें नफ़रत फैलाने वाली भाषा से जुड़े हमारे स्टैंडर्ड के संबंध में पॉलिसी निर्माण शुरू करने की प्रेरणा मिली. हम कई तरह के शिक्षाविदों और सिविल सोसायटी संगठनों से जुड़े हुए हैं, जिनमें खतरनाक भाषा और अत्याचार की रोकथाम के विशेषज्ञ, मानवाधिकार कार्यकर्ता, निजी पहचान की समस्याओं का अध्ययन करने वाले सामाजिक मनोवैज्ञानिक, अभिव्यक्ति की आज़ादी के समर्थक और दुनिया में धार्मिक और गैर-धार्मिक नज़रिए दर्शाने वाले समूह शामिल हैं. हमारी पॉलिसी में किए गए बदलावों में कहा गया है कि कुछ परिस्थितियों में हम “ऐसे कंटेंट को हटा देंगे जो सुरक्षित विशिष्टताओं से जुड़ी विचारधाराओं, संस्थानों, विचारों, प्रथाओं या मान्यताओं पर हमला करता हो और जिनसे उस सुरक्षित विशिष्टता से जुड़े लोगों के खिलाफ़ जान-माल का नुकसान, धमकी या भेदभाव होने की संभावना हो.” नफ़रत फैलाने वाली भाषा का सेक्शन देखें जिसे लागू किए जाने के लिए अतिरिक्त जानकारी और/या संदर्भ की ज़रूरत होती है.
3. सरकारी मीडिया को समझना
सरकारी मीडिया की हमारी पॉलिसी की परिभाषा तैयार करने के लिए, हमने मीडिया, सरकार और मानवाधिकारों में विशेषज्ञता रखने वाले दुनिया भर के विशेषज्ञों से सलाह ली. यह इनपुट इस बात को समझने में हमारी मदद करने के लिए महत्वपूर्ण था कि सरकारें किन अलग-अलग तरीकों से कुछ मीडिया एंटिटी पर एडिटोरियल कंट्रोल रख सकती हैं. हमने प्रेस की आज़ादी के क्षेत्र में कुछ प्रमुख संस्थानों से इंटरैक्ट किया, जिनमें रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल मीडिया असिस्टेंस, यूरोपियन जर्नलिज़्म सेंटर, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी, सेंटर फ़ॉर मीडिया, सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी में डेटा एंड सोसायटी (CMDS), द काउंसिल ऑफ़ यूरोप, UNESCO, ग्लोबल फ़ोरम फ़ॉर मीडिया डेवलपमेंट (GFMD), अफ़्रीकन सेंटर फ़ॉर मीडिया एक्सीलेंस (ACME) और SOS सपोर्ट पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग कोलीशन आदि शामिल हैं. हम जानते हैं कि मीडिया को कंट्रोल करने के लिए सरकारों द्वारा फ़ंडिंग के तरीकों का उपयोग जारी है, लेकिन इससे पूरी बात पता नहीं चलती. इसलिए सरकार के नियंत्रण वाले मीडिया की हमारी परिभाषा में वित्तीय नियंत्रण या मालिकाना हक के अलावा भी कई चीज़ें आती हैं और इसमें सरकार के संपादकीय नियंत्रण का आकलन शामिल है.
4. वयस्कों का यौन शोषण
स्टेकहोल्डर्स ने वयस्कों के यौन शोषण से जुड़ी हमारी पॉलिसी बनाने में महत्वपूर्ण तरीकों से मदद की है. जैसे कि जिन मामलों में यौन हमले के पीड़ित वयस्क व्यक्ति के समर्थक उनकी स्टोरीज़ शेयर करते हैं या अपनी आवाज़ उठाते हैं, उसके कंटेंट के बारे में हमारा नज़रिया तैयार करने के लिए हमने कई शिक्षाविदों और पॉलिसी से प्रभावित सिविल सोसायटी संगठनों को शामिल किया, जिनमें पत्रकार, कानूनी विशेषज्ञ, महिलावादी और कैंपेन चलाने वाले कार्यकर्ताओं के समूह और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर-लाभकारी संगठन शामिल हैं. इनसे जुड़ने पर हमें ऐसी पॉलिसी बनाने में मदद मिली जो जागरूकता फैलाने वाले सामाजिक आंदोलनों और कैंपेन की आवाज़ को आगे बढ़ाने में मदद करती है और पीड़ित की गरिमा और प्राइवेसी का सम्मान भी करती है.
5. मानव शोषण का समाधान करना और शरण माँगने वाले लोगों के अधिकार का सम्मान करना
हमारी मानव शोषण को रोकने के लिए बनी पॉलिसी में यूज़र्स को मानव तस्करी से जुड़ी सर्विस ऑफ़र करने वाला कंटेंट पोस्ट करने से प्रतिबंधित किया गया है. हालाँकि, हमारी पॉलिसी में तस्करी से जुड़ी सर्विस की रिक्वेस्ट करने वाले कंटेंट के लिए कुछ छूट दी गई हैं. 2021 में हमने बाहरी स्टेकहोल्डर्स के साथ अपने नज़रिए का रिव्यू किया. इन स्टेकहोल्डर्स में मानवाधिकार समर्थक, ट्रांसनेशनल अपराध विशेषज्ञ, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ और गैर-लाभकारी संगठन शामिल थे और उन्होंने नोट किया कि इसमें संतुलन बनाए रखना कठिन है: तस्करी संबंधी सेवाएँ चाहना उन लोगों के लिए हमारे प्लेटफ़ॉर्म का दुरुपयोग करना आसान बना सकता है जो कमज़ोर लोगों को निशाना बनाते हैं, लेकिन साथ ही अगर हम ऐसी पोस्ट को हटा देते हैं तो लोग सुरक्षा नहीं तलाश पाएँगे या शरण चाहने के अपने अधिकार का उपयोग नहीं कर पाएँगे. विशेषज्ञों ने हमें अपनी पॉलिसी को अपडेट करने का फ़ैसला लेने में मदद की, ताकि हम मानव तस्करी को बढ़ावा देने वाली पोस्ट हटाकर और उन्हें हटाने की जानकारी का पेज दिखाकर, यूज़र्स के अधिकारों का उल्लंघन किए बिना शोषण के जोखिमों को कम कर सकें. बाहरी विशेषज्ञों की सलाह से बनाए गए इस पेज पर शरणार्थी और शरण चाहने वाले लोगों के अधिकारों की जानकारी दी गई है और यह बताया गया है कि वे शोषण से कैसे बच सकते हैं.
6. संकट में फ़ॉलो किए जाने वाले पॉलिसी प्रोटोकॉल के बारे में इनपुट
2022 में, हमने संकट की स्थितियों में हमारी कंटेंट पॉलिसी प्रतिक्रिया को कोड में बदलने के लिए अपना संकट के समय फ़ॉलो किया जाने वाला पॉलिसी प्रोटोकॉल (CPP) बनाया. ओवरसाइट बोर्ड के सुझाव के आधार पर बनाए गए इस फ़्रेमवर्क से हमें संकट की उन स्थितियों का आकलन करने में मदद मिलती है जिसके लिए किसी खास पॉलिसी के बारे में प्रतिक्रिया की ज़रूरत हो सकती है. CPP बनाते समय, हमने राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवतावादी प्रतिक्रिया, संघर्ष से बचाव और मानवाधिकारों से जुड़ी पृष्ठभूमि वाले वैश्विक विशेषज्ञों से परामर्श किया; हमने यह संभावना तलाशी कि मौजूदा कार्यविधियों को मज़बूत कैसे बनाया जाए और संकट में शामिल होने और हटने की शर्तों जैसे नए कंम्पोनेंट कैसे शामिल किए जाएँ. स्टेकहोल्डर्स ने ऐसे प्रमुख सिग्नल पहचानने में मदद की जिनका उपयोग यह तय करने के लिए किया जाना चाहिए कि संकट अपने चरम पर है. दुनिया भर में मौजूद हमारे स्टेकहोल्डर्स से हमें ऐसे क्षेत्रों की जानकारी मिली जिनमें राजनैतिक अस्थिरता के बारे में बहुत अंतर हैं. कुल मिलाकर, स्टेकहोल्डर के इनपुट से यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि संकट के समय में हमारे प्रोटोकॉल हमें समय से, व्यवस्थित और न्यायोचित प्रतिक्रियाएँ देने की सुविधा देता है. यहाँ औरयहाँ से और जानें.
7. ऑनलाइन हमले और सामूहिक उत्पीड़न
धमकी और उत्पीड़न से निपटने के हमारे नज़रिए के तहत, हमने ऑनलाइन हमलों और सामूहिक उत्पीड़न से सीधे प्रभावित हुए कई स्टेकहोल्डर्स को शामिल किया जिनमें महिला अधिकार कार्यकर्ता, LGBTQI+ कम्युनिटी के प्रतिनिधि, अल्पसंख्यक समूह, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सार्वजनिक हस्तियाँ शामिल थीं. हमने ऐसे विशेषज्ञों से भी परामर्श किया जो ऑनलाइन उत्पीड़न और सरकार द्वारा स्पॉन्सर्ड ऐसे कामों का अध्ययन करते हैं, जिनका लोगों पर असर पड़ता है. साथ ही हमने अभिव्यक्ति की आज़ादी के समर्थकों से भी बात की. स्टेकहोल्डर्स ने स्वीकार किया कि कानूनी सक्रियता और ऑनलाइन नुकसान पहुँचाने वाले हमलों में वही ऑनलाइन व्यवहार दिखाई दे सकते हैं, जैसे सामूहिक रिपोर्टिंग, कमेंट फ़्लडिंग या हैशटैग बॉम्बिंग. इसलिए यह सुझाव दिया गया कि हम पोस्ट किए गए कंटेंट की प्रकृति, पीड़ित पर उसके असर और व्यवहार के संभावित ऑफ़लाइन नुकसान को देखते हुए उपयोग के ऐसे मामलों के बीच अंतर करने के लिए संदर्भ विशिष्ट कारणों पर ध्यान दें. हमें मिले इनपुट से हमें ऑनलाइन हमलों और सामूहिक उत्पीड़न पर हमारी पॉलिसी का पहला अंक बनाने में हमें मदद मिली जो हमारी धमकी और उत्पीड़न से जुड़ी पॉलिसी का भाग है.