ओवरसाइट बोर्ड: अतिरिक्त सवाल
अपडेट किया गया 22 फ़र 2024
बोर्ड के फ़ैसले और सुझाव
कंटेंट के बारे में ओवरसाइट बोर्ड जो फ़ैसले लेता है, क्या उन्हें मानना अनिवार्य होता है?
हाँ. कंटेंट के बारे में ओवरसाइट बोर्ड जो फ़ैसले लेता है, उन्हें मानना अनिवार्य होता है. Meta, बोर्ड के फ़ैसलों के आधार पर Facebook, Instagram या Threads पर कंटेंट को रीस्टोर करेगा या हटाएगा.
क्या ओवरसाइट बोर्ड के सुझाव मानना अनिवार्य होता है?
बोर्ड के फ़ैसलों के विपरीत, उसके सुझावों को मानना अनिवार्य नहीं होता है. Meta अपनी इंटरनल पॉलिसी बनाने के लिए ज़रूरी जानकारी के तौर पर इन सुझावों पर विचार करने और हर सुझाव पर 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक तौर पर अपना जवाब देने का वादा करता है.
जिस कंटेट पर ओवरसाइट बोर्ड ने फ़ैसला सुनाया है, आप उसके समान या उससे मिलते-जुलते कंटेंट का क्या करते हैं?
जब भी संभव होगा, तब Meta समान कंटेंट और Facebook पर दिखाई दे रहे समान संदर्भ वाले कंटेंट पर भी बोर्ड का फ़ैसला लागू कर देगा.
क्या Meta, ओवरसाइट बोर्ड से पॉलिसी से जुड़े सुझाव भी माँग सकता है?
हाँ. कुछ केस बोर्ड के पास तब पहुँचते हैं, जब Meta, बोर्ड से पॉलिसी से जुड़े सुझाव माँगता है. इसके ज़रिए Meta उन पॉलिसी के बारे में सुझाव माँग सकता है, जिनका समाज पर बार-बार गंभीर असर दिखाई देता है और/या जिन्हें Facebook, Instagram और Threads पर लागू करना मुश्किल होता है.
बोर्ड अपने सामने आए किसी भी केस में पॉलिसी से जुड़ी सलाह दे सकता है. हम अपनी पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया में इन बातों पर विचार करेंगे.ओवरसाइट बोर्ड ने किस प्रकार के केसों की सुनवाई की है?
बोर्ड ने कंटेंट से जुड़े कई महत्वपूर्ण और मुश्किल केसों की सुनवाई की है, जो विरोध प्रदर्शन, नग्नता और धार्मिक अभिव्यक्ति व हिंसा जैसे विषयों से संबंधित थे. मूल्यों के टकराव वाले ऐसे केसों में बोर्ड ने कई मुश्किल फ़ैसले दिए हैं. जैसे, लोगों के राजनीतिक और धार्मिक अभिव्यक्ति के अधिकार और उन अभिव्यक्तियों की वजह से (ऑफ़लाइन) असल दुनिया में दूसरों को नुकसान पहुँचने की संभावना से जुड़े फ़ैसले.
आप हमारे न्यूज़रूम में ऐसे और केसों के बारे में पढ़ सकते हैं, जो बोर्ड ने सुनवाई के लिए चुने हैं.वे सभी केस कहाँ देखे जा सकते हैं, जिन पर ओवरसाइट बोर्ड ने सुनवाई की है?
हमारे केस पेज पर केसों की एक टेबल दी हुई है, जिसमें केसों को आसानी से ढूँढा जा सकता है.
अपील और रेफ़रल की क्या प्रक्रिया है
ओवरसाइट बोर्ड में केस की अपील कैसे की जाती है?
अगर आप Facebook, Instagram या Threads पर मौजूद कंटेंट के संबंध में Meta के द्वारा लिए गए किसी फ़ैसले से असहमत हैं और आप संबंधित प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकतम अपील कर चुके हैं, तो आप ओवरसाइट बोर्ड में उस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील कर सकते हैं. आपको Facebook पर अपने सपोर्ट इनबॉक्स में या Instagram पर सपोर्ट रिक्वेस्ट में ओवरसाइट बोर्ड का रेफ़रेंस नंबर दिया जाएगा. Instagram और Threads के लिए सपोर्ट रिक्वेस्ट एक जैसी होती हैं. अगर आपने अपनी अपील Threads से की थी, तो आपको इन दोनों ऐप्स में अपना सपोर्ट रिक्वेस्ट मैसेज दिखाई देगा. आप अपने केस को सुनवाई के लिए बोर्ड के सामने सबमिट करने के लिए, ओवरसाइट बोर्ड की वेबसाइट पर इस रेफ़रेंस नंबर का उपयोग कर सकते हैं.
ओवरसाइट बोर्ड के सामने किन मामलों की अपील की जा सकती है?
आप दो तरह के कंटेंट का रिव्यू करने की अपील कर सकते हैं. पहला वह जिसे आपने Facebook, Instagram या Threads पर पोस्ट किया था और उसे हटा दिया गया है. दूसरा, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पोस्ट किया गया ऐसा कंटेंट, जिसे Facebook, Instagram या Threads से हटाया नहीं गया है. ओवरसाइट बोर्ड कई तरह के कंटेंट का रिव्यू कर सकता है, जैसे कि पोस्ट/स्टेटस, फ़ोटो, वीडियो, कमेंट और शेयर किए गए कंटेंट का. ग्रुप, पेज, ईवेंट और विज्ञापन, भविष्य में बोर्ड के रिव्यू के दायरे में आ जाएँगे.
Meta किस आधार पर ओवरसाइट बोर्ड को केस रेफ़र करता है?
Meta महत्वपूर्ण और मुश्किल केस, बोर्ड को सीधे रेफ़र करता है, जैसा कि उपनियमों में बताया गया है:
- महत्वपूर्ण कंटेंट वह होता है, जिसका असर लोगों की ज़िंदगी पर पड़ता है और उसमें ऐसे मुद्दे शामिल होते हैं, जो गंभीर, बड़े पैमाने पर असर डालने वाले और/या सार्वजनिक चर्चा के लिए अहम होते हैं.
- मुश्किल कंटेंट वह होता है, जो मौजूदा पॉलिसी या उनके एन्फ़ोर्समेंट पर सवाल उठाता है, जिसमें रिव्यू के लिए आए कंटेंट को हटाने या उसे प्लेटफ़ॉर्म पर बनाए रखने, दोनों के लिए मज़बूत तर्क होते हैं. इस प्रक्रिया के ज़रिए रेफ़र किए गए केस को स्वीकार या अस्वीकार करने का पूरा अधिकार सिर्फ़ बोर्ड के पास होता है.
जागरूकता बढ़ाने व नफ़रत फैलाने वाली भाषा के बीच अंतर करना और सार्वजनिक हित से जुड़ी दुखद घटना के बाद आपत्तिजनक कंटेंट का फैलना इसके कुछ उदाहरण हैं.
आप ओवरसाइट बोर्ड को कितनी बार केस रेफ़र करते हैं?
हम बोर्ड को नियमित तौर पर ऐसे केसों की अपनी लिस्ट रेफ़र करते हैं, जो हमें महत्वपूर्ण और मुश्किल लगते हैं.
किसी को ओवरसाइट बोर्ड में अपील करने से पहले, Meta के सामने अपील क्यों करनी पड़ती है?
बोर्ड, Meta के सामने आने वाले सबसे महत्वपूर्ण और मुश्किल केसों की सुनवाई करने के लिए बनाया गया है. शुरुआत में Meta के सामने अपील करने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि बोर्ड तक पहुँचे केस की कई बार जाँच हो चुकी है और इसलिए कुछ पेचीदा और ज़्यादा असर डालने वाले फ़ैसले ही बोर्ड तक पहुँच पाते हैं.
ओवरसाइट बोर्ड को किसी केस पर फ़ैसला लेने में इतना समय क्यों लगता है?
ओवरसाइट बोर्ड को सलाह-मशविरा और सोच-विचार करने वाली ऐसी संस्था के तौर पर तैयार किया गया है, जो एक्सपर्ट्स की राय लेकर, पूरी जाँच-पड़ताल करके और समस्या के हर पहलू पर ध्यान देकर कंटेंट के बारे में कुछ सबसे मुश्किल फ़ैसले ले सकती है. वैसे Meta आगे भी हर दिन लाखों कंटेंट के बारे में शुरुआती फ़ैसले लेता रहेगा, लेकिन अपने सलाहकारों से मिले फ़ीडबैक से हमें यह सुझाव मिला था कि Meta के कंटेंट से जुड़े फ़ैसलों की जाँच करने और विचार-विमर्श करके उन पर फ़ैसले लेने के लिए हमें एक बोर्ड बनाना चाहिए.
Meta के साथ बोर्ड का संबंध
कहीं ऐसा तो नहीं है कि आप ओवरसाइट बोर्ड बनाकर इन फ़ैसलों की ज़िम्मेदारी से बचना चाहते हैं?
नहीं. बोर्ड को भेजे जाने वाले सभी केसों के शुरुआती फ़ैसले Meta लेता है और हम उनकी ज़िम्मेदारी लेते हैं. जैसा कि Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग ने कंटेंट के मैनेजमेंट और एन्फ़ोर्समेंट के लिए बनाए नए सिस्टम के बारे में अपने ब्लूप्रिंट में बताया था, “Facebook को स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सुरक्षा से जुड़े इतने सारे महत्वपूर्ण फ़ैसले अकेले नहीं लेने चाहिए.”
इसलिए, हमने कंटेंट से जुड़े कुछ सबसे मुश्किल और महत्वपूर्ण फ़ैसलों पर निष्पक्ष तरीके से विचार करने के लिए एक नया ग्रुप बनाया है और उसे अपने फ़ैसले लेने का अधिकार दिया है. इससे Meta को अभिव्यक्ति, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े फ़ैसले अकेले नहीं लेने पड़ते.यह गारंटी कौन देता है कि फ़ैसले लेने का आखिरी अधिकार ओवरसाइट बोर्ड के पास होगा? क्या Meta आखिर में बोर्ड के फ़ैसलों को रद्द नहीं कर सकता?
जैसा कि Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग ने 2019 में बताया था, हमने सार्वजनिक तौर पर यह वादा किया है कि हम बोर्ड के फ़ैसलों का पालन करेंगे. Meta कई साल से ओवरसाइट बोर्ड के लिए समय और रिसोर्स खर्च कर रहा है, क्योंकि हमारा मानना है कि हम जो फ़ैसले लेते हैं, उनकी निष्पक्ष और बाध्यकारी जाँच ज़रूरी है.
Meta और नियम-कानूनों के बीच ओवरसाइट बोर्ड का रोल क्या है? क्या बोर्ड, नियमों और कानूनों से बचने का एक तरीका है?
बोर्ड सभी समस्याओं का हल नहीं है. Meta, कंटेंट मॉडरेशन के बड़े परिदृश्य (जिसमें इंटरनेट के उपयोग से जुड़े नए नियम शामिल हैं) में बोर्ड को महत्वपूर्ण तो मानता है, लेकिन उसे इसका सिर्फ़ एक हिस्सा मानता है.
मार्च 2019 में Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग ने सरकारों से ऑनलाइन कंटेंट के लिए नए नियम बनाने और अपनाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के साथ काम करने की माँग की. उन्होंने कहा, “इंटरनेट से हर एक नुकसानदेह कंटेंट को हटाना संभव नहीं है, लेकिन जब लोग कंटेंट शेयर करने के लिए दर्जनों अलग-अलग सर्विस का उपयोग उनकी अलग-अलग पॉलिसी और प्रोसेस के साथ करते हैं, तो यह ज़रूरी हो जाता है कि उसके संबंध में हमारे पास और भी स्टैंडर्ड तौर-तरीके हों.” हमने उस माँग के बाद, फ़रवरी 2021 में कंटेंट मॉडरेशन का व्हाइट पेपर रिलीज़ किया.बोर्ड के सदस्य कैसे चुने जाते हैं?
Meta ने सबसे पहले सह-अध्यक्षों को चुना और सह-अध्यक्षों के साथ सलाह-मशविरा करके पहले 16 सदस्य चुने. वैश्विक नज़रिये को ध्यान में रखते हुए, इस ग्रुप में अलग-अलग पेशों और बैकग्राउंड वाले लोगों को शामिल किया गया. Meta और ओवरसाइट बोर्ड साथ मिलकर, अगले 20 सदस्यों को चुनेंगे. इसके बाद ओवरसाइट बोर्ड, Meta से स्वतंत्र रहकर अपने सदस्यों का चयन करेगा. कोई भी व्यक्ति बोर्ड के लिए नए सदस्यों के सुझाव दे सकता है.