कंटेंट रेटिंग, जिनका उपयोग फ़ैक्ट-चेकर्स करते हैं
अपडेट किया गया 10 मई 2024
नीचे थर्ड पार्टी फ़ैक्ट-चेकर्स के लिए उपलब्ध रेटिंग के विकल्प दिए गए हैं. साथ ही, हर रेटिंग के अंतर्गत आने वाले कंटेंट के उदाहरण भी हैं. हालाँकि, इन रेटिंग की गाइडलाइन तय करने की ज़िम्मेदारी Meta की है, लेकिन आखिर में फ़ैक्ट-चेकर्स ही कंटेंट का निष्पक्ष रिव्यू करके रेटिंग देते हैं. Meta उनकी दी हुई रेटिंग में कोई बदलाव नहीं करता है.
गलत
गलत
ऐसा कंटेंट जिसका असल में कोई आधार नहीं होता. इनमें यह कंटेंट शामिल है:
- फ़ेक कोटेशन.
- ऐसे दावे जो असंभव हैं या जिन्हें असल में हुई किसी घटना या वास्तव में कही गई किसी बात की व्याख्या न माना जा सके
- उदाहरण: यह दावा करना कि प्राकृतिक आपदा हुई है, जबकि असलियत में ऐसा कुछ भी न हुआ हो
- उदाहरण: यह दावा करना कि किसी व्यक्ति ने कुछ बनाया है या पेटेंट कराया है, जबकि उसने ऐसा कुछ न किया हो
- कॉन्सपिरेसी थ्योरी (धोखा देने की योजना) जो ईवेंट को व्यक्तियों या ग्रुप के सीक्रेट काम के रूप में बताती है, जिसमें सच्ची या झूठी जानकारी का हवाला दिया जा सकता है, लेकिन एक अविश्वसनीय निष्कर्ष पेश करती है
- उदाहरण: दावा किया जाता है कि एक कंपनी ज़्यादा कीमत वसूलने से जुड़े एक अलग मुद्दे पर गुपचुप तरीके से नशीली दवाओं की अवैध तस्करी में लिप्त है.
- उदाहरण: अगर बिना सबूत के दावा किया जाता है कि सरकार में शामिल कुछ लोग आतंकवादी हमले के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं, ताकि युद्ध शुरू करने का बहाना मिल जाए
- खुद को असली खबरें दिखाने वाली वेबसाइटें बताकर, मनगढ़ंत कंटेंट पेश करना.
- ऐसा फ़ोटो, ऑडियो या वीडियो कंटेंट, जो असली तो हो लेकिन उसे किसी ऐसी घटना के सबूत के तौर पर पेश करना जिससे उसका कोई लेना-देना नहीं है.
- उदाहरण: किसी घटना के बाद एक कस्बे में किसी भी तरह का नुकसान न होने का दावा करने वाली असली फ़ोटो, लेकिन वह फ़ोटो असल में घटना से पहले ली गई थी
- उदाहरण: किसी असली वीडियो में एक व्यक्ति को अपराध स्वीकार करते हुए दिखाया गया है, लेकिन वह अपराध असल में किसी और व्यक्ति ने किया है
- उदाहरण: किसी नए और पुराने अध्यादेश में विरोधाभास होने की स्थिति में असली लेकिन पुराने सरकारी अध्यादेश को इस तरीके से पेश करना जैसे कि यह हाल ही में जारी किया गया हो
हेर-फेर करके कंटेंट बनाना
हेर-फेर करके कंटेंट बनाना
किसी फ़ोटो, ऑडियो या वीडियो कंटेंट को साफ़ दिखाने या उसकी क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले बदलावों के अलावा, उसे इस तरह एडिट या सिंथेसाइज़ करके ऐसी चीज़ के लिए लोगों को गुमराह करना, जिसका असल में कोई आधार नहीं है. इसमें ऐसा मीडिया शामिल है, जिसे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके डिजिटल रूप से बनाया या एडिट किया गया है. इसमें मीडिया को एक साथ जोड़ना शामिल है, लेकिन मीडिया के हिस्सों को जोड़ना नहीं (‘संदर्भ मौजूद नहीं है’ रेटिंग देखें). इसके अलावा मीडिया को गलत संदर्भ में पेश करना (‘गलत’ रेटिंग देखें) या ऐसा मीडिया शामिल है जिसमें डिजिटल रूप से बनाने या एडिट करने का तरीका गलत नहीं है, बल्कि मीडिया में झूठे दावे मौजूद हैं (‘गलत’ रेटिंग देखें). इसमें ट्रांसपेरेंसी वाला ऐसा मीडिया शामिल नहीं है, जो Meta के AI लेबल या Meta के AI वॉटरमार्क या नॉन-Meta ट्रांसपेरेंसी तरीके का उपयोग करता है, जिनसे AI के उपयोग के बारे में स्पष्ट रूप से पता चलता है. हालाँकि, अगर पोस्ट में डिजिटल रूप से बनाए या एडिट किए गए मीडिया के उपयोग के अलावा कोई अन्य दावा शामिल है, तो यह पोस्ट किसी दूसरी रेटिंग के योग्य हो सकती है. इस परिभाषा में ये शामिल हैं:
- हेर-फेर या बदलाव किए गए ऑडियो, वीडियो या फ़ोटो.
- उदाहरण: ऑडियो/वीडियो में बोलने वाले व्यक्ति की बातों की क्वालिटी के साथ छेड़छाड़ करने के लिए वीडियो की स्पीड बदलना
- उदाहरण: किसी असली फ़ोटो में कोई ऐसी चीज़ दिखाने के लिए फ़ोटो जोड़ना, जो असल में कभी हुई ही नहीं
- सिंथेटिक फ़ोटो, ऑडियो या वीडियो, जिसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके बनाया गया मीडिया शामिल है:
- उदाहरण: किसी ऐसे ईवेंट की असली जैसी दिखने वाली फ़ोटो जो कभी हुआ ही नहीं.
- उदाहरण: किसी व्यक्ति को कुछ ऐसा कहते या करते हुए दिखाने वाला वीडियो जो उसने न कहा हो या न किया हो.
- किसी मीडिया फाइल को एडिट करके, उसमें से किसी के कहे हुए शब्दों में से कुछ शब्द हटाना या शब्दों का क्रम बदलना, जिससे कही गई बात का मतलब उल्टा ही निकले
- उदाहरण: किसी व्यक्ति ने कहा हो, “मैं X नहीं करूँगा” और उसमें से “नहीं” शब्द को हटा देना.
कुछ हद तक गलत
कुछ हद तक गलत
कंटेंट में कुछ तथ्यात्मक गलतियाँ होना. इनमें यह कंटेंट शामिल है:
- संख्या, तारीख़, समय के हिसाब में गड़बड़ी या उनका गलत होना, लेकिन उन्हें किसी असल घटना या कथन के तौर पर समझा जाना.
- उदाहरण: किसी ईवेंट में रजिस्टर करने वाले या शामिल होने वाले लोगों की गलत संख्या बताना
- उदाहरण: किसी सरकारी कार्यक्रम पर हुए खर्च का गलत हिसाब लगाना
- सही और गलत दावों का मिश्रण, जहाँ झूठे दावे हावी नहीं होते हैं.
- उदाहरण: अलग-अलग दावों की एक लिस्ट, जिनमें कुछ सही हैं और कुछ गलत
- उदाहरण: ऐसा वीडियो जिसमें कई तरह के मुख्य दावे किए गए हों, लेकिन उनमें से कुछ सही हैं, कुछ गलत
- गलत जानकारी पर आधारित किसी कंटेंट को राय बताकर पेश करना
- उदाहरण: कई मुख्य दावों के आधार पर पॉलिसी में बदलाव की बात करना, जिनमें से एक दावा गलत साबित किया जा सकता हो
संदर्भ मौजूद न होना
संदर्भ मौजूद न होना
ऐसा कंटेंट जिसमें सीधे तौर पर कहे बिना, झूठा दावा किया गया हो. इनमें यह कंटेंट शामिल है:
- किसी प्रामाणिक मीडिया की क्लिप या अंश जिसे बदला न गया हो (बदले गए कंटेंट को दी जाने वाली रेटिंग की परिभाषा देखें) या किसी झूठे संदर्भ में पेश न किया गया हो (झूठे कंटेंट को दी जाने वाली रेटिंग की परिभाषा देखें), लेकिन जिसमें झूठे दावे को लागू करने के लिए ओरिजनल कंटेंट के मतलब को बिगाड़ा गया हो. इसमें राजनेता के प्रामाणिक भाषण की क्लिप शामिल नहीं की जाती हैं (जैसे, टेक्स्ट कोटेशन, वीडियो क्लिप) (राजनेता की परिभाषा देखें).
- उदाहरण: किसी ग्रुप की वीडियो क्लिप, जिसमें कोई बदलाव न किया गया हो और जिसमें वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते और नारे लगाते दिख रहे हों, लेकिन पूरा वीडियो देखने पर वही ग्रुप हिंसा करता हुआ दिखाई दे रहा हो
- उदाहरण: किसी व्यक्ति के बयान के प्रामाणिक अंशों को एक साथ मिलाना जिससे उसमें बदलाव हो जाए, लेकिन उनकी कही गई असली बात का विपरीत अर्थ न निकले
- थर्ड पार्टी के किए हुए दावे की सच्चाई जाने बिना उसे झूठा दावा बताकर रिपोर्ट करना (कहीं और किए गए झूठे दावों की रिपोर्ट करने से जुड़ी हमारी गाइडलाइन के बारे में और पढ़ें).
- उदाहरण: कोई टीवी होस्ट किसी ऐसे व्यक्ति का इंटरव्यू प्रसारित करता है, जिसने कोई झूठी साबित हो सकने वाली बात कही हो और होस्ट उस दावे की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता या उस पर कोई सवाल खड़ा नहीं करता.
ऐसे डेटा या आँकड़ों का उपयोग करना, जिससे कोई झूठा निष्कर्ष निकलता हो.- उदाहरण: किसी स्टडी से सिर्फ़ उतने ही डेटा का उपयोग करना, जिससे कोई ऐसा निष्कर्ष निकले जो स्टडी का निष्कर्ष नहीं है
- उदाहरण: दो तरह के डेटा को आपस में जोड़कर कुछ इस तरह पेश करना कि उनका असर आम तौर पर एक जैसा दिखे, जबकि असलियत में ऐसा कुछ न हो
व्यंग्य
व्यंग्य
ऐसा कंटेंट जिसमें खास तौर से राजनैतिक, धार्मिक या सामाजिक विषयों के संदर्भ में आलोचना करने या जागरूकता पैदा करने के लिए निंदा की जाती है, चीज़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है या बेतुकी बातें कही जाती हैं, लेकिन एक समझदार यूज़र भी उसमें किए गए व्यंग्य को आसानी से समझ नहीं पाता. ये चीज़ें उन साइटों पर मिल सकती हैं जिन्हें साफ़ तौर पर व्यंग्य से जुड़ी साइट के तौर पर लेबल नहीं किया गया है या जिनके ऐसा होने के बारे में बहुत जानकारी नहीं है, या इन्हें सही लेबल लगाए बिना दिखाया जाता है. व्यंग्य के तौर पर रेट किए गए कंटेंट में ज़्यादा संदर्भ के लिए फ़ैक्ट-चेकर्स के आर्टिकल शामिल होंगे.
सही
सही
ऐसा कंटेंट जिसमें कोई गलत या गुमराह करने वाली जानकारी नहीं होती.